पूर्वी राज्यों से शुरू हुआ CAA का विरोध। आज पूरे देश को ले लिया चपेट में

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बीते दिनों संसद व राज्यसभा में CAB पास होकर एक कानून का रूप ले लिया है जिसे CAA से जाना जाता है आपको बता दें CAA का विरोध पहले दिन से ही हो रहा है जो कि भारत के पूर्वी राज्यों तक ही सीमित था जिसके बाद दिल्ली के जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में 15 व 16 दिसंबर को हुए विरोध के बाद आज दिल्ली, उत्तर प्रदेश, विहार समेत देश के सभी राज्यों में हालात गम्भीर है

अब तक विरोध के दौरान हुई हिंसा में लगभग 22 लोगों के मारे जाने की खबर है जिससे सैकड़ों की संख्या में जख्मी हुए हैं इस विरोध का असर देश के हर एक नागरिक पर पड़ा है फिर वो चाहे इंटरनेट बंद को लेकर या बाहर आने-जाने को लेकर हो रही समस्याएं सरकार ने बिना सोचे समझे एक तरफा कानून लाकरदेश नई मुसीबत में झोंक दिया

उत्तर प्रदेश- जिसे उत्तम प्रदेश से भी जाना जाता है आज यहां के हालात कश्मीर जैसे बन चुके हैं भाई यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि जो लोग सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं उसकी भरपाई उन्हें पहचान कर उनकी निजी संपत्ति से की जाएगी उत्तर प्रदेश के हालात आज ऐसे ही के लगभग सभी जिलों में धारा 144 और इंटरनेट बंद की खबरें भी आ रही हैं जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

बता दें पिछले 19 दिसंबर को उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में शांतिपूर्ण तरीके से धरना देने का आदेश दिया था जिसमें समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के हर जिले में शांतिपूर्ण धरना दिया और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन देते हुए अवगत कराया और अन्य पार्टियों ने भी धरना प्रदर्शन दिए

आज देश के हालात ऐसे हैं कि तमाम यूनिवर्सिटी के छात्र CAA के विरोध में सड़कों पर उतर गए हैं जिनके ऊपर सरकार के आदेश अनुसार प्रशासन लाठी-डंडे आंसू गैस के गोले दाग रहे हैं और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसा में बदल रहे हैं अब आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के ऊपर है देखना ये है कि आखिर कार कब तक ऐसा भय का माहौल रहता है और लोगों को कितना संतुष्ट कर पाते हैं या फिर हिंसा में और नुकसान व लोगों के मरने का इंतजार करेंगे।